पहले सरकार के खिलाफ की बड़ी-बड़ी बातें, अब बगलें झांक रहे ! प्रदेश अध्यक्ष की एक ही घुड़की से आवाज गले में…
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31 साल पहले मसूरी की धरती पर आंदोलनकारियों के सीने छलनी कर दिए गए थे। इस बलिदान को याद करने के लिए…
मास्टरमाइंड का निर्देश मानने वाले सब हो चुके निलंबित घोटाले का असली मास्टरमाइंड अभी भी बैठा है चौथे तल पर विकासनगर- जन…
जनपद चम्पावत के टनकपुर व बनबसा में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायज़ा लिया। इस दौरान अधिकारियों को…
आज उच्चाधिकारियों, समस्त जिलाधिकारियों एवं पुलिस विभाग के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान सभी विभागों को…
“विचार-एक नई सोच” संस्था योग के साथ मानसिक स्वास्थ्य को दे रही है नई दिशा देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की…
इस युद्ध के खतरे बढ़ते ही जा रहे हैं। अब तक के नौ दिनों के युद्ध में ईरान और इजरायल में सैकड़ों की मौत, हजारों घायल, अरबों का नुकसान, दुनिया में अनिश्चिंतता एवं भय का माहौल, तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की आशंका ने समूची दुनिया को डरा रखा है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचा है, लेकिन नष्ट नहीं किया गया है। अमेरिका और इजराइल का मानना है कि ईरान ने परमाणु बम बनाने की क्षमता हासिल कर ली है और अगर अब उसे नहीं रोका गया, तो खतरा पूरी दुनिया को होगा। इजराइल इसी खतरे को मिटाने की बात कहकर ईरान पर तीव्र से तीव्रत्तर हमले कर रहा है और ईरान भी जबावी हमलों में इजरायल में तबाही मचा रखी है। युद्ध भले ही इन दो देशों के बीच हो रहा है, लेकिन उसका प्रभाव समूची दुनिया पर हो रहा है। इस संघर्ष को रोकना आवश्यक है, भले ही अमेरिका अभी तक मैदान में नहीं उतरा और यूरोप अपनी तरफ से कोशिश कर रहा है। इस युद्ध को रोकने के लिये बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।
