जनपद रुद्रप्रयाग में हो रही लगातार बारिश से जगह जगह भूस्खलन, पहाड़ी टूटने, नदी नालों के उफान पर आने से आम जनजीवन प्रभावित हो चुका है।आपदाओं के दौर बढ़ता जा रहा है। शासन-प्रशासन के सामने भी रात दिन चुनोतियाँ बनी हुई है।
बताते चलें कि हमारे चैनल स्वदेश न्यूज द्वारा 31 अगस्त को सिन्द्रवानी गाँव मे हो रहे भूस्खलन से गाँव मे उतपन समस्या की सबसे पहले खबर दिखाई गई, जिसका प्रशासन ने तुरन्त संज्ञान लेते हुए गाँव मे टीम भेजकर स्थलीय निरीक्षण किया गया।
रुद्रप्रयाग जिले के विकास खण्ड अगस्त्यमुनि के अंर्तगत ग्राम पंचायत सिन्द्रवानी में भी बीते 5 दिनों से भूस्खलन के कारण 19 से अधिक परिवारों पर खतरें के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं, सिन्द्रवानी गाँव के आधे हिस्से में भूस्खलन होने से लोगों की रातों की नींद गायब हो गई, ग्रामीण डर से ख़ौफ़ में जी रहें, 19 परिवारों के मकान, गोशालाओ पर दरारें पड़ चुकी है, कब बड़ी घटना हो जाये किसी को अंदाजा नहीं है।ग्रामीण रात दिन दर्द के आँसू बहा रहे हैं। गाँव मे मकानों, गोशालाओं, स्कूल, आम रास्तो पूरी तरह धस रहे हैं, तो रोजमरा की जरूरतें बिजली,पीने के पानी की लाइने भी टूट गई है, हर दिन गाँव के नीचे से बड़ा भूधसाव होता जा रहा है।
सिन्द्रवानी गाँव के पीड़ित परिवारों का कहना है कि लगातार हो रही भारी बारिश के चलते हमारी मकानों, गोशालाओं को बड़ा खतरा बना हुआ है, आखिर हम जाएं तो जाएं कहाँ। लोगों के आखों में दर्द के आँसू दिखाई दे रहे हैं, ग्रामीण सरकार, प्रशासन से अपने आप को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाने की माँग कर रहे हैं।
तो वहीँ ग्रामीणों का हालचाल जानने क्षेत्र पंचायत कनिष्ठ प्रमुख अगस्त्यमुनि सविता भण्डारी,विधायक प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुँचे।
इधर प्रशासन की टीम उपजिलाधिकारी अधिकारी, राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में सिन्द्रवानी गाँव की स्थिति को देखने पहुँची, साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए तिरपाल, सोलर लाइटें, टैंट आदि वितरित किए गए।
राजस्व निरीक्षक दुर्गा सिंह रावत ने कहा कि सिन्द्रवानी गाँव के अभी तक 19 परिवार खतरें की जद में है, साथ ही 10 से अधिक गोशालाओं पर भी दरारें पड़ी है, पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है, फिलहाल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।सर्वे टीमों द्वारा भी निरीक्षण करवाया जायेगा।

