देहरादून में आयोजित दून बुक फेस्टिवल में विभिन्न विभागों एवं प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करने के साथ ही छात्रों को पुस्तकें भेंट कर उन्हें अध्ययन के लिए प्रेरित किया। आप सभी से आग्रह है कि यदि आप किसी समारोह में जाएं, तो बुके और अन्य उपहारों के स्थान पर पुस्तकें एवं पौधे भेंट करने की परंपरा को अपनाएं, जिससे ज्ञान और पर्यावरण दोनों का संवर्धन हो सके।


देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा सदैव से ज्ञान, साहित्य और रचनात्मकता की भूमि रही है। गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी समृद्ध क्षेत्रीय भाषाएं, हमारे लोकगीत, लोककथाएं और लोककला यहां के साहित्यिक वैभव की पहचान हैं। उत्तराखंड ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से न केवल क्षेत्रीय भाषाओं को समृद्ध किया बल्कि भारतीय साहित्य को भी नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं।

इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री Khajan Dass जी, महापौर Saurabh Thapliyal जी एवं Acharya Bal Krishna जी उपस्थित रहे।


