कोविड -19 की पहली लहर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80 करोड लोगों को राशन देने की योजना की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक लगातार केंद्र सरकार आम जनता को सरकारी राशन की दुकान के माध्यम से राशन उपलब्ध करा रही है। लेकिन उधम सिंह नगर जिले की किच्छा विधानसभा में एक दुकान पर चावल के साथ-साथ सुड़ी भी दी जा रही हैं, हंगामा शुरू होने के बाद जब मौके पर अधिकारी पहुंचे तो कुछ लोगों को दिया गया खराब चावल दुकानदार ने वापस ले लिया, जबकि कई लोग उस खराब चावल को ही अपने घर लेकर चलें गए। किच्छा तहसील क्षेत्र के खुर्पिया फॉर्म में स्थित सरकारी सस्ते गले की दुकानदार शैलेंद्र कुमार की दुकान पर हर महीने की तरह इस महीने में भी आठ सितंबर को राशन वितरित किया जा रहा है। इसी दौरान दुकानदार ने ग्राहकों को खराब चावल (सुंडियों और कीड़ों) वाला चावल वितरित करने लगा, कुछ लोग राशन लेकर अपने घर चले गए तभी किसी ग्राहक की नजर चावल में मौजूद सुंड़ियों पर पड़ी तो ग्राहकों हंगामा शुरू कर दिया। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर हंगामे की सूचना के बाद मौके पर क्षेत्र खाद्य पूर्ति अधिकारी भरत राणा पहुंच गए, और उनके पहुंचने के बाद मौके पर मौजूद लोगों का खराब चावल वापस लें लिया। जबकि कुछ लोग उसके अगले दिन वापस करने पहुंचे तो दुकानदार ने लेने से मना दिया और जब वो भी अधिकारियों के पास गए।
चावल में सुंडियों होने पर भी बांटा गया चावल!
सरकारी सस्ता गल्ला की खुर्पिया फार्म स्थित दुकान पर आठ सितंबर को सितम्बर माह का राशन वितरित हो रहा था। इस दौरान दुकानदार ने बोरियों में मौजूद खराब चावल (सुंडियों और कीड़ों) वाला चावल बहुत से ग्राहकों को वितरित कर दिया। अब सवाल ये उठता है कि क्या दुकानदार सुंडियों वाले चावल को गरीब जनता को खपना चाहता था। शायद इसलिए चावल में बड़ी मात्रा में सुंडियों के होने के बाद भी चावल को ग्रामीण लोगों को वितरित कर दिया।

